अब विकास दौड़ता है: कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के नेतृत्व में राजस्थान औद्योगिक क्रांति की नई राह पर

 

राजस्थान अब विकास और निवेश की तेज़ रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है। राज्य के उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि जिस प्रदेश में कभी फाइलें महीनों तक अटकती थीं, अब वहां “विकास दौड़ता है।”
उन्होंने कांग्रेस शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता स्थापित की है, बल्कि Ease of Doing Business के क्षेत्र में भी राजस्थान को अग्रणी बना दिया है।

कांग्रेस राज में फाइलें अटकती थीं, अब तेज़ी से होता है काम

कर्नल राठौड़ ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय निवेश और उद्योग से जुड़ी फाइलें महीनों तक विभागों में पड़ी रहती थीं।

“आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वही राजस्थान तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब फाइलें नहीं रुकतीं, योजनाएँ धरातल पर उतरती हैं और निवेशक आत्मविश्वास के साथ प्रदेश में आ रहे हैं,” — कर्नल राठौड़

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक ₹7 लाख करोड़ की Ground Breaking हो चुकी है, जबकि ₹35 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं — जो राजस्थान की औद्योगिक क्रांति का संकेत है।

‘राइजिंग राजस्थान समिट’ से बदली प्रदेश की छवि

उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित राइजिंग राजस्थान समिट ने राज्य की छवि को पूरी तरह बदल दिया है।
ऊर्जा, पर्यटन, रियल एस्टेट और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश से लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

“राजस्थान अब Made-on-Paper नहीं, बल्कि Made-in-Rajasthan की दिशा में अग्रसर है,” — कर्नल राठौड़ ने कहा।

अशोक गहलोत को जवाब — “भाजपा सरकार ने बदली पहचान”

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए कर्नल राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार ने राज्य की औद्योगिक पहचान को ही बदल दिया है।
भ्रष्टाचार और देरी के लिए चर्चित सिस्टम को हटाकर अब तेज़ और पारदर्शी शासन व्यवस्था लागू की गई है।

ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना

जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कर्नल राठौड़ ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा प्रहार किया।
उन्होंने कहा कि जो नेता समाज को बाँटने और वैचारिक विभाजन फैलाने का काम करते हैं, वे जनता के सच्चे प्रतिनिधि नहीं हो सकते।

“ऐसी ओछी मानसिकता किसी महिला मुख्यमंत्री की नहीं हो सकती,” — कर्नल राठौड़

निष्कर्ष: ‘फाइलों से फास्टट्रैक तक’ का सफर

कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की पहल और दृष्टिकोण ने राजस्थान को “फाइलों में फंसे विकास” से निकालकर “फास्टट्रैक विकास” की दिशा में खड़ा किया है।
उनके नेतृत्व में राजस्थान न केवल निवेश और उद्योग का केंद्र बन रहा है, बल्कि देशभर में पारदर्शी शासन और राष्ट्रभावना का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

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