‘AAA’ — आत्मबल, आत्मविश्वास और अनुशासन-गुरु पूर्णिमा समारोह पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का भावपूर्ण संबोधन

- ’AAA’ — आत्मबल, आत्मविश्वास और अनुशासन-गुरु पूर्णिमा समारोह पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का भावपूर्ण संबोधन
- गुरु पूर्णिमा समारोह पर ‘AAA’ मंत्र के साथ कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने दी आत्मबल, आत्मविश्वास और अनुशासन की प्रेरणा
- कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने दिया ‘संवेदना से समर्पण’ का संदेश, गुरु-शिष्य परंपरा को बताया भारत की आत्मा
- गुरु वही जो राष्ट्रनिर्माता गढ़े: गुरु पूर्णिमा पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का भावपूर्ण उद्बोधन
- कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने साझा किया प्रधानमंत्री मोदी का शिक्षा विज़न, बोले — शिक्षक बनें राष्ट्र के निर्माता
- ‘शिक्षक चाणक्य बनें, शिष्य एकलव्य’ : कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का विकसित भारत की ओर आह्वान
- गुरु पूर्णिमा समारोह पर राष्ट्रीय शिक्षा में संस्कृति और संवेदना का आह्वान, कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने दिया संकल्प से सिद्धि का संदेश
- हमारे जीवन की पहली गुरु माँ होती हैं : गुरु पूर्णिमा समारोह पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़
कोटपूतली : गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर कोटपूतली, जयपुर ग्रामीण में आयोजित विशेष समारोह में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा को नमन करते हुए एक गहरे भावपूर्ण और प्रेरक संबोधन दिया।
उन्होंने कहा कि “AAA” — आत्मबल, आत्मविश्वास और अनुशासन। ये तीन मूल्य जीवन को न केवल स्थिर बनाते हैं बल्कि उसे ऊंचाई भी देते हैं।
कार्यक्रम में श्रद्धेय शंकरानंद जी की उपस्थिति को उन्होंने ऊर्जा और राष्ट्रनिर्माण की दृष्टि का स्रोत बताया।
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने इस अवसर पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के उस विचार को भी रेखांकित किया जिसमें उन्होंने कहा था, शिक्षकों को ‘वन प्लस वन’ के सेवाभाव के साथ काम करना चाहिए।
उन्होंने भारतीय शिक्षा मंडल के संगठन गीत को साझा करते हुए कहा, हम सभी का सामूहिक संकल्प है, भीतर जलता ज्ञानदीप जो, करे प्रकाशित विश्व गगन
एकलव्य से शिष्य बने हम, शिक्षक सब चाणक्य समान
विश्व गुरु के पद पर बैठी, माता पाए गौरव स्थान।
उन्होंने कहा, गुरु वह होता है जो आत्मा को छू ले, जीवन को दिशा दे और राष्ट्र को समर्पित नागरिक बना दे। जब गुरुजन, शिक्षक और समाज मिलकर युवा शक्ति को गढ़ते हैं, तभी विकसित भारत का सपना साकार होता है।
कार्यक्रम में सम्माननीय शिक्षाविदों, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गुरुजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही
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